Phagocytosis in hindi

भक्षाणुनाशन क्रिया क्या है ? ( Phagocytosis in hindi )

मैक्रोफेज ( macrophages ) कोशिकाएँ लासिका ग्रन्थियों एवं प्लीहा ( Iymph nodes . and spleen ) में बनती है । ये रक्त के साथ देह के विभिन्न भागों में चक्कर लगाती रहती हैं । देह में एन्टीजन के प्रवेश करने के कुछ मिनटों के बाद ही इनमें सक्रियता देखी जाती है । मेक्रोफेज कोशिकाएँ एन्टीजन के निकट आती है । इसकी कोशिका कला एन्टीजन के सम्पर्क में आती हैं तथा एन्टीजन को घेरते हुए एक आशय जैसी रचना बना लेती है । इस प्रकार कुछ ही मिनटों में एन्टीजन पूरा का पूरा कोशिका के भीतर पिनोसिटिक आशय ( pinocytic vesicle ) के रूप में निगल लिया जाता है ।  मेक्रोफेज कोशिका अन्तग्रहित पदार्थ का पाचन करती है ।

भक्षाणुशन की अवस्थाएँ

इसके लिए इसके कोशिकाद्रव्य में उपस्थित प्राथमिक लाइसोसोम ( protolysosomes ) आशय के साथ संलग हो जाते हैं । लाइसोसोम में भरा लयनकारी पदार्थ जो अनेक एन्जाइम्स रखता है पाचन में सहायता करता है । प्राथमिक लाइसोसोम के साथ संलग्न पाइनोसाइटिक आशय फेगोलाइसोसोम्स ( phagolysosomes ) कहलाते हैं । पाचन के उपरान्त ये पदार्थ अनेक छोटे – छोटे कणों में विभक्त हो जाते हैं जो अलग अलग अणुभार के होते हैं । ये बाहर निकलते हैं इसके लिये पाइनोसाइटोसिस जैसी किन्तु विपरीत दिशा में क्रिया होती है । कुछ वैज्ञानिक यह मानते हैं कि इस प्रकार इम्यूनाजनिक RNA का निर्माण होता है । इस प्रकार पचित अंश का कुछ भाग जा काशिकाद्रव्य में अवशोषित हो जाता है तथा कुछ अपाच्य भाग देह से बाहर निष्कासित भी किया जा सकता है ।

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