मीसोसोम क्या है Mesosome in hindi

मीसोसोम क्या हैं?( Mesosomes )

पूर्व में इन्हें परिधीयकाय ( peripheral body ) या कॉन्ड्राएड ( chondroid )के नाम से जाना जाता था एवं ये ग्रैम ग्राही जीवाणुओं में अधिकतर एवं कुछ ग्रैम अग्राही जीवाणुओं में भी पायी जाती है । जीवाणुओं में मीजोसोम्स जटिल आकृति की संरचनाएँ होती हैं जो प्लाज्मा कला के द्वारा अन्तर्वलित होने के कारण अनेक स्थानों पर बनती हैं । ये रचनाएँ प्लाज्माकला के साथ ही संलग्न रहती हैं । मीजोसोम्स ग्रैम ग्राही जीवाणओं में अधिक संख्या में पाये जाते हैं । बेसिलाई प्रकार के जीवाणुओं में ये आवश्यक रूप से उपस्थित होते हैं जबकि ग्रैम अग्राही प्रकार के जीवाणुआं में ये कम संख्या में उपस्थित होते हैं ।

                            Mesosome

मीसोसोम रसायन स्वपोषी ( chemoautotrophic ) जीवाणुओं में जिनमें वायुवीय श्वसन दर अपेक्षाकृत अधिक होती है , में अधिकतर पाये जाते हैं जैसे नाइट्रोसोमोनस ( Nitrosomonas ) । रोडोसूडोमोनस ( Rhodopseudomonas ) जैसे प्रकाश संश्लेषणीय जीवाणुओं में ये प्रकाश – संश्लेषणीय पदार्थों के स्थान होते हैं । प्लाज्मा कला के अन्तर्वलित होने से बनी इस रचनाओं में कलाओं के स्तर द्वारा निर्मित , नलिकाओं , पटलिकाओं के चक्र तथा आशय आदि विकसित हो जाते हैं । मोजोसोम में लिपिड भाग सामान्य प्लाज्मा कला के समान ही होता है किन्तु प्रोटीन्स भिन्न प्रकार के पाये जाते हैं । इनमें एवं इनसे बनी पटलिकाओं में इकाई झिल्ली के लक्षण पाये जाते हैं ।

 

 

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